अखबार में, समाचार था कि वैवाहिक जीवन में संतुलन न बैठा पाने के कारण एक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली।
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| Challengin Life |
अब यहां पर यह सवाल खड़ा होता है ऐसी कौन सी परिस्थिति पैदा हो गई उस अधिकारी की, कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी।
मुझे जो लगता है अधिकारी किताबी ज्ञान के अलावा व्यवहारिक ज्ञान लेने में कमजोर रहे। जिंदगी में किताबी ज्ञान से ज्ञान तो मिलता है यह बात सही है लेकिन व्यवहारिक ज्ञान या जीवन का अनुभव भी एक प्रकार का बड़ा ज्ञान है यह भी सीखना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को परिस्थितियों से हारकर कभी भी आत्महत्या नहीं करनी चाहिए जो भी जीवन में समस्याएं आपके सामने आ रही हैं उनका समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को परिस्थितियों से हारकर कभी भी आत्महत्या नहीं करनी चाहिए जो भी जीवन में समस्याएं आपके सामने आ रही हैं उनका समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।
यदि आप समाधान खोजने का प्रयास करेंगे तो निश्चित रूप से ही आपको कोई न कोई समाधान अवश्य मिलेगा क्योंकि सारी समस्याओं के समाधान उन्हीं समस्याओं में से निकलते हैं
ऊपर दी गई घटना से यह बात लगती है कि पढ़ने लिखने से ठीक बात है कि ज्ञान मिलता है शिक्षा भी जरूरी है पर जीवन में जो बातें किताबों में नहीं लिखी होती वह आपको समय से सीखनी पड़ती है।
दूसरों की घटनाओं से सीख कर उनको अपने अमल में लाना चाहिए
यदि कोई गलती आपसे एक बार होती है तो आप उस गलती से सीख लीजिए यदि आप दोबारा उसी गलती को करते हैं तो यह आपकी मूर्खता कहलाएगी।
दूसरों की घटनाओं से सीख कर उनको अपने अमल में लाना चाहिए
यदि कोई गलती आपसे एक बार होती है तो आप उस गलती से सीख लीजिए यदि आप दोबारा उसी गलती को करते हैं तो यह आपकी मूर्खता कहलाएगी।
इसलिए आप को समझदार बनने की जरूरत है जब हम किसी समस्या में घिर जाते हैं तो उसे स्वीकार करना चाहिए और डटकर मुकाबला करना चाहिए।
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