यह एक ऐसी काल्पनिक कहानी है जिससे कुछ सीख सकते हैं। विनोद एक दिन प्रीति के घर गया तो उसने देखा जिस प्रीति को जो वह देखता था वह प्रीति बहुत सुंदर दिखती थी।
लेकिन विनोद अचानक प्रीति के घर पहुंचा तो उसने देखा कि प्रीति तो एकदम बुढ़िया जैसी लगती है, उसके चेहरे में कोई तनाव या कसाव नहीं है ना ही कोई चमक है जैसा कि उसे दिखाई पड़ता था।
क्योंकि जब भी किसी के सामने प्रीति जाती तो मेकअप के बाद ही जाती थी बिना मेकअप के लोग प्रीति को देख ही नहीं पाते थे और ना ही प्रीति बिना मेकअप के किसी के सामने जाती.
उस दिन ऐसा हुआ कि विनोद अचानक ही बिना बताए प्रीति के घर पहुंच गया और प्रीति ने दरवाजा खोल दिया। उसको प्रीति देखने में अच्छी नहीं लगी वह बैठा और उसने वहां चाय पी। चाय पीते समय वह प्रीति को देखे जा रहा था।
विनोद प्रीति से शादी करने जा रहा था और कुछ ही दिनों में उनकी शादी होने वाली थी। लेकिन चाय पीते-पीते उसने तय किया किअब वह प्रीति से शादी नहीं करेगा। क्योंकि वह उसके उस चेहरे से आकर्षित था जिसे वह मेकअप के बाद ही देखा करता था। अंत में यही हुआ कि विनोद ने प्रीति से शादी नहीं की।
क्या प्रीति को अपने चेहरे को प्राकृतिक सुंदर बनाना था या जैसी थी वैसी रहना था। क्या प्रीति मेकअप का चेहरा दिखाकर विनोद के साथ धोखा कर रही थी। क्या विनोद को उसके चेहरे के बजाय उसके अंदर की अच्छाइयों को भी देखना चाहिए था। उसके बारे में कमेंट बॉक्स में बताएं
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