सोमवार

कोरोना की दूसरी लहर में तेज़ी आने के साथ साथ खाने के चीजों के दाम में भी तेजी

कोरोना की दूसरी लहर में तेज़ी आने के साथ साथ खाने के चीजों के दाम में भी तेजी आनी शुरू हो गई है। इस साल फरवरी से मई तक दलहन और तिलहन के दाम 15 से 30 फीसदी तक बढ़ गए। ये बढ़ोतरी खुदरा और थोक दोनों मंडियों में हुई है। अप्रैल में जैसे जैसे कोरोना बढ़ रहा था, मार्केट में रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ रहे थे।






सरसों का तेल 50-75 रुपये हुआ महंगा

अभी तिलहन और दलहन की कीमत में 15 से 30 रुपये प्रति किलो/ लीटर तक का उछाल आया है। इसलिए सरसों तेल और रिफाइंड 50 से 75 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो गए। यही हाल दालों का भी है। दाल की कीमत में भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।

बड़ी कंपनियों के रिटेल प्राइस भी बढ़े

अचानक महंगाई से न सिर्फ रसोई का बजट गड़बड़ा गया है बल्कि आम लोगों पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। टाटा चाय का 250 ग्राम का जो पैकेट फरवरी-मार्च में 85 रुपये का था, अब वो 125 रुपये में मिल रहा है।

जमाखोरी के कारण कीमत बढ़ी

ज्यादातर हरी सब्जी 50 रुपये प्रति किलो से ऊपर बिक रही हैं। कोरोना के बढ़ते संकट के बीच बाजार में अस्थिरता आई है। आम लोग से लेकर खुदरा बाजार तक में खाद्य पदार्थों का स्टॉक कम होने लगा है। इस कारण भी कीमतों में उछाल आई है।

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