हमारा देश श्रृद्धा और विश्वास का केन्द्र है और इसी वजह से यहां हिन्दू देवी-देवताओं के कई विशाल मंदिर मौजूद हैं। यहां लोगों में इतनी जायदा आस्था है कि हर गली-मुहल्ले में आपको छोटे बड़े मंदिरों मिल जायेंगे। लेकिन क्या आप जानते है कि विदेश में भी कई ऐसे मंदिर हैं जो दुनियाभर में बहुत प्रसिद्ध है। विदेश में बने ऐसे भव्य और शानदार मंदिरों में सिर्फ हिंदू समाज के लोग ही नहीं जाते बल्कि पर्यटक भी जाते है। आइए तो जानते है इन आस्था के केंद्रों के बारे में
1. अंगकोरवाट, कंबोडिया
विदेशी धरती पर हिंदू देवी-देवताओं का सबसे भव्य और लोकप्रिय मंदिर जो विदेशी धरती पर है उनमें से सबसे पहले अंकोरवाट मंदिर आता है जो कंबोडिया के अंकोर में बना है। ये दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर है। यह भगवान विष्णु का मंदिर है जिसका निर्माण 12वीं शताब्दी में Khmer वंश के राजा सूर्यवर्मन II ने करवाया था। यह करीब 500 एकड़ की जमीन में फैला हुआ है जो आज दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्मारकों में से एक है।
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| अंकोरवाट मंदिर |
2. पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू
पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू की बागमती नदी के तट पर बना हुआ है। यह मंदिर दुनिया के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और इसका निर्माण 753 ईस्वी में राजा जयदेव ने करवाया था। इस मंदिर परिसर को 1979 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलो में शामिल किया गया था।
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| पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू |
3. बाटू गुफा मंदिर, मलेशिया
मलेशिया के गोंबाक में प्रसिद्ध बातू गुफा मंदिर है जो जमीन से करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर है। भगवान मुरुगन की मूर्ति, मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के उत्तर में बनी है। ये मूर्ति सबसे लंबी है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिये 272 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। 1890 में एल.पिल्लई ने इस मूर्ति को बनवाया और Batu Caves के बाहर स्थापित किया था।
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| बाटू गुफा मंदिर, मलेशिया |
4. कटासराज मंदिर, पाकिस्तान
पृथ्वी के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है पाकिस्तान का कटासराज मंदिर। ये पाकिस्तान के चकवाल में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इस मंदिर में शरण ली थी और सती की मृत्यु के बाद महादेव के बूंद से दो तलाब बन गये थे। उनमें से एक तलाब पुष्कर में है और दूसरा कटासराज में।
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| कटासराज मंदिर, पाकिस्तान |
5. प्रमबनन मंदिर, इंडोनेशिया
9वीं शताब्दी में इंडोनेशिया के जावा में ये प्रबनन मंदिर बनवाया गया, जो यह का सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णू, महेश की पूजा की जाती है। इस मंदिर में 8 मुख्य 'गोपुरम' हैं जो सैंकड़ों छोटे गोपुरम से घिरे हैं और मंदिर की दीवारों पर रामायण, भागवत पुराण की कथायें बनी हुई हैं।
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| प्रमबनन मंदिर, इंडोनेशिया |
6. श्री वेंकटेश्वर मंदिर, इंग्लैंड
ये मंदिर यूरोप का सबसे बड़ा मंदिर है जो भारत के तिरुपति बालाजी मंदिर से प्रेरित होकर बनाया गया है। इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्थापित है जो 23 अगस्त, 2006 को खोला गया था। इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति 12 फ़ीट की है।
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| श्री वेंकटेश्वर मंदिर, इंग्लैंड |
राधा माधव मंदिर को बरसाना धाम के नाम से भी जाना जाता है। ये टेक्सस का सबसे पुराना मंदिर है और उत्तरी अमेरिका में ये सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर के आस-पास मेडिटेशन सेन्टर भी बने हुए है।
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| राधा माधव मंदिर, यूएसए |
8. श्री शिवा सुब्रमण्य मंदिर, फ़िजी
फिज़ी के नाडी शहर में श्री शिवा सुब्रमण्य मंदिर स्थित है। ये दक्षिणी गोलार्थ में सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर में शिव और पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा होती है। ये लगभग 100 साल पुराना मंदिर है और पूरे मंदिर का निर्माण वास्तु शास्त्र के हिसाब से हुआ है। मंदिर की दीवारों पर देवी देवताओं को बनाया गया है साथ में विभिन्न रंगों का इस्तेमाल करके खूबसूरत बनाया गया।
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| श्री शिवा सुब्रमण्य मंदिर, फ़िजी |
9. श्री काली मंदिर, म्यांमार
ये मंदिर लगभग 150 साल पुराना है। जो म्यांमार की राजधानी यांगून के Little India में है। 1871 में तमिल प्रवासियों ने इस मंदिर को बनाया था। ये मंदिर अपने वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इसकी छत और दीवारों पर पत्थर की नक्काशी की गई है। उस समय म्यांमार अंग्रेज़ों के अधीन था और यांगून में रह रहे भारतीय ही इस मंदिर की देख रेख करते थे।
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| श्री काली मंदिर, म्यांमार |
भारत के बाहर भगवान हनुमान की सबसे ऊंची मूर्ति त्रिनिदाद एंड टोबैगो में है जो 85 फ़ीट ऊंची विशाल प्रतिमा है। इस मंदिर में योग केंद्र भी चलाया जाता है। 2001 में इस मूर्ति का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। दत्तात्रेय मंदिर गणपति जी को समर्पित है और मंदिर के पश्चिमी तरफ़ हनुमान जी की मूर्ति है।
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| दत्तात्रेय मंदिर, त्रिनिदाद एंड टोबैगो |
11. मुरुगन मंदिर, ऑस्ट्रेलिया
भगवान मुरुगन का यह सुंदर मंदिर ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में बना है। ये सिडनी के New South Wales क्षेत्र में है। इस मंदिर को सिडनी मुरुगन नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर को पहाड़ों के ऊपर बनाया गया है क्योंकि ऐसा कहा जाता है की भगवान मुरुगन पहाड़ों के देवता है। इस मंदिर का निर्माण एक तमिल शख़्स ने करवाया था।
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| मुरुगन मंदिर, ऑस्ट्रेलिया |











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